“बुलाती है मगर जाने का नहीं” फेम राहत इंदोरी हमारे बीच नहीं रहे।

इरफान खान, ऋषि कपूर, सुशांत सिंह राजपूत जैसे बड़े कलाकारों की मौत के बाद अब उर्दू कवि और लेखक राहत इंदौरीजी भी हमारे बीच नहीं रहे।

दिनांक 10 अगस्त 2020 को कोरोना विषाणु से संक्रमित होने पर उन्हें इंदौर, मध्य प्रदेश के औरोबिंदो अस्पताल में भर्ती किया गया था। आज दिनांक 11 अगस्त 2020 को दिल का दौरा पड़ने के कारण उनका देहांत हुआ।

मध्यप्रदेश के इंदौर में 1 जनवरी 1950 को राहत इंदौरी जी का जन्म हुआ था। उन्होंने उर्दू लिटरेचर में एम. ए., पी.एचडी. की थी।

देखो देखो जानम हम, नींद चुराई मेरी, तुमसा कोई प्यारा कोई मासूम नहीं है जैसे कई मशहूर गीत उन्हें ने लिखे हैं।

उनकी “बुलाती है मगर जाने का नहीं” कविता इंटरनेट पर काफी वायरल है।

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